रौलट एक्ट
ब्रिटिश सरकार के द्वारा भारत में क्रांतिकारी गतिविधियों को रोकने के लिए नवंबर 1917 ईस्वी में सिडनी रोलर के अध्यक्षता में रौलट एक्ट भारत में भेजने की घोषणा की गई
रोलेट एक्ट का भारत आगमन 18 मार्च 1919 ईस्वी को हुआ था
इस एक्ट के आधार पर किसी भी व्यक्ति को संदेह के तहत गिरफ्तार किया जा सकता है तथा न्यायालय में उपस्थित करने की कोई भी समय सीमा निर्धारित नहीं थी
इस एक्ट के विरोध में 30 मार्च 1919 ईस्वी को रोलेट सत्याग्रह प्रारंभ किया गया था
इस एक्ट को नए वकील ने अपील ने दलील की संज्ञा दी जाती है
साथ ही इसे काला कानून की संज्ञा दी गई थी
Er. Dinesh