वे शब्दकोश ज्योतिषी सार्थक शब्द के पूर्व में प्रयुक्त होकर अर्थ अर्थ को प्रभावित करते हैं उन्हें उपसर्ग कहते हैं
पार्थ परिवर्तन की दिशा को प्रभावित करने से तात्पर्य है की उपसर्ग प्रयोग के द्वारा अर्थ परिवर्तन हो भी सकता है और नहीं भी स्थान तक आंशिक परिवर्तन होकर नए शब्दों का निर्माण भी हो सकता है
उपसर्ग का शाब्दिक अर्थ है पूर्व में आना