बोराज गढ़ का इतिहास बोराज, महला और जोबनेर के बीच जयपुर से लगभग 40 से 45 किमी दूर है। बोराज को खांगारोट्स के शुरुआती इतिहास के लिए जाना जाता है। बोराज किला विशाल है और उस काल के युद्ध किलों का सबसे अच्छा उदाहरण है, राव खंगार अपने पिता राव जगमाल और अन्य चार भाइयों […]
राजस्थान की कृषि कृषि विस्तार हेतु योजनाएं एवं कार्यक्रम प्रधानमंत्री कृषि सिचाई परियोजना का प्रारम्भ 2015-16 में किया गया । केन्द्र व राज्य का अंश 60 : 40 है । हर खेत को पानी देना इस योजना का उदेश्य है । जल संचय व जल सिंचन के माध्यम से माइको लेवल पर जल संचयन इस […]
राजस्थान की मिट्टियों के प्रकार राजस्थान की पश्चिमी भाग की मिट्टियों में बालू की मात्रा 90 से 95 प्रतिशत तथा मटियार की मात्रा 150 से 10 प्रतिशत । अरावली पर्वतमाला के पूर्वी भाग में लेटेराइट . लाल , दोमट , कछारी . मध्यम काली मिट्टियां पाई जाती हैं रेतीली बलुई ( बालू ) मिट्टी बाडमेर […]
राजस्थान में सिंचाई परियोजनाएं(rajasthan sichai pariyojna) दिसम्बर 2016 तक राज्य में 38.48 लाख हैक्टेयर क्षेत्र में सिचाई क्षमता का संभव हो चुका है । 2016-17 में दो वृहद् ( नर्मदा नहर , परवन ) परियोजना , एक आधुनिकीरकरण कार्य गंगनहर , 6 मध्यम ( गरदडा , तकली , पीपलाद , गागरिन , ल्हासी , एवं […]
राजस्थान में वन संसाधन राजस्थान में वन संरक्षण की योजना सर्वप्रथम जोधपुर नरेश महाराजा उम्मेद सिंह ने 1910 में बनाई । इसके मारवाड शिकार नियम 1921 बना । कोटा रियासत में 1924 में एवं जयपुर रियासत में 1931 मे शिकार कानून बना । 1935 में अलवर रियासत ने वन अधिनियम बनाया । बांसवाडा , बारां […]
रखड़ी , पतरी , चूड़ारल , ताविद , शीषफूल , टिडीभलकों , मांगटीका , बोरलो , फिणी , गोफण , गेड़ी , काचर , चूड़ामण , टीकी , टीका , टोटी , टीडी , सांकली , तिलकमणि ,
राजस्थान की वेशभूषा राजस्थान की वेशभूषा का सांस्कृतिक पक्ष इतना प्रबल है कि सदियां गुजर जाने और विदेशी प्रभाव के बावजूद यहां की वेशभूषा अपनी विशेषताओं को स्थिर रखने तथा अपने प्राचीन सांस्कृतिक परंपराओं को जीवित रखने में सफल रही है पुरुष वेशभूषा पगड़ियां सिर पर बांधा जाने वाला वस्त्र राजस्थान में त्योहारों पर बांधा […]
राजस्थान की झीले खारे पानी की झीलें सांभर झील ( जयपुर -नागौर ) -जयपुर व नागौर जिलों में स्थित । भारत में खारे पानी की सबसे बडो झील । समुद्रतल से औसत ऊँचाई 367 मीटर । मन्था / मेढा , रूपनगढ , खारी , खण्डेला नदियां इस झील में गिरती है । भारत सरकार की हिन्दुस्तान नमक कम्पनी द्वारा 1964 […]
Maratha Empire मराठा साम्राज्य का इतिहास मराठा राजवंश के प्रमुख शासक शिवाजी: शिवाजी का जन्म शिवनेर में 19 फ़रवरी 1630 को हुआ था। उनके पिता का नाम शाहजी (निजाम शाह और आदिल शाह के तहत कार्य किया) तथा मां का नाम जीजाबाई थीं। उन्हें अपने पिता से पूना की जागीर विरासत में मिली। अपने अभिभावक, […]
राजस्थान में खनिज संसाधन राजस्थान राज्य का देश के कुल खनिज उत्पादन में योगदान लगभग 22% है। राज्य देश के कुल खनिज उत्पादन का 15% धात्विक खनिज, 25% अधात्विक खनिज तथा 26% लघु श्रेणी के खनिज उत्पादित करता हैं वर्ष 1950-51 में राज्य में लगभग 15 प्रधान और 6 लघु खनिजो का दोहन होता था। […]