BORAJ VILLAGE

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 राजस्थान में मेवाड़ के कौशिथल के चुंडावत वंश के ठाकुर मनोहर सिंह के बेटे कुंवर युधिष्ठिर सिंह संग बोराज के ठिकानेदार ठाकुर कुलदीप सिंह की बेटी शिवांगी का विवाह हुआ। करीब 100 साल बाद बोराज गढ़ में होने वाली इस शाही शादी के मौके पर बोराज के किले और कस्बे की सड़कों को रोशनी से सजाया गया। इससे पहले पूर्व बोराज ठिकाने में रोही ठिकाने से ठाकुर दिलीप सिंह की बरात आई थी।

 Boraj location

– इस शाही शादी के मौके पर विधानसभा उपाध्यक्ष राव राजेन्द्र सिंह शाहपुरा, ऊर्जा मंत्री पुष्पेंद्र सिंह राणावत, फुलेरा विधायक निर्मल कुमावत, दूदू विधायक प्रेम चन्द बैरवा,  पूर्व खाद्य मंत्री बाबूलाल नागर, जयपुर के पूर्व राजपरिवार से नरेन्द्र सिंह, ठाकुर रघुराजसिंह लोरड़ी और जयपुर रियासत के कई बड़े ठिकानेदारों सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। 

 

शाही शादी दो जागीर बोराज और कौशिथल का मिलन 
– मेवाड़ की रियासत के कौशिथल ठिकाने के जागीरदार चुंडावत राजपूत थे जो कि मेवाड़ रियासत में वीरता, साहस और देशभक्ति के लिए जाने जाते हैं।

– वहीं, जयपुर रियासत में बोराज ठिकाने के जागीरदार अच्छे योद्धा, साहसी व पराक्रमी माने जाते हैं। दोनों ही ठिकानों का इतिहास मराठों के साथ युद्ध से जुड़ा है।

– कौशिथल की माजी सा ने अपने नाबालिग बेटे का नेतृत्व करते हुए  मराठों का सामना किया था। तब  मेवाड़ के राणा ने वीरता, साहस और देश भक्ति के लिए कौशिथल जागीरदार को किलंगी बख्शीश में दी जिससे वे अपनी आन को हमेशा ऊंचा रख सकें।

– इसके साथ बोराज ठिकाने के जागीरदार भी कुशल योद्धा थे जिन्होंने  मुट्ठी भर सैनिकों के साथ युद्ध में 700 मराठों को मौत के घाट उतार दिया था। इसका जिक्र जवान रासो और लेटर मराठा में किया गया है।

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