परमाणु आकार ( Atomic size )
परमाणु आकार एक स्वतंत्र परमाणु के नाभिक से बाह्यतम कोशकी दूरी का माप है। किसी तत्व के एक परमाणुका एक परमाणु आकार ज्ञात कराना अत्यन्त कठिन होता है क्योंकि यातो ये अणु केरूप में या परमाणुओं केसमूह के रूप मेंरहते है । एकविलगित परमाणु का मिलना अत्यन्तदुर्लभ है । अतःपरमाणु आकार उस परमाणु कीत्रिज्या के आधार परनिर्धारित किया जाता है । एकपरमाणु की त्रिज्या निम्नमें से किसी भीरूप में हो सकती है।
( i ) सहसंयोजक त्रिज्या
( ii ) वाण्डरवाल त्रिज्या
1. सहसंयोजक त्रिज्या जब एक हीतत्व के दो समानपरमाणु सहसंयोजक बन्ध से जुड़े होतो दोनों परमाणुओं के नाभिकों केबीच की दूरी काआधा उस परमाणु कीसह – संयोजक त्रिज्या कहलाती है
2. वाण्डरवाल त्रिज्या ठोस अवस्थामें एक ही पदार्थके दो निकट स्थितअनाबंधित अणुओं के परमाणुओं केबीच की दूरी काआधा वाण्डरवाल त्रिज्या कहलाती है ।
अतःवाण्डर वाल त्रिज्या rw का मानहमेशा सहसंयोजक त्रिज्या rc से अधिकहोता है ।
rw > rc
इसकेअलावा धात्विक त्रिज्या के आधार परभी परमाणु का आकार ज्ञातकिया जाता है । धातुके क्रिस्टल जालक में नजदीक स्थित दो परमाणुओं केनाभिकों के बीच कीदूरी का आधा धात्विकत्रिज्या कहलाती है ।
आवर्तसारणी में परमाणुओं का साइज एकAही वर्ग में ऊपर से नीचे कोशोंकी संख्या बढ़ने के कारण बढ़ताजाता है । एकही आवर्त में बाँये से जाने परउसी कोश में इलेक्ट्रॉन की संख्या बढ़तीहै तथा प्रभावी नाभिकीय आवेश भी बढ़ता है। अतः परमाणु आकार कम होता जाताहै ।
परमाणुआकार के इस आवर्तीगुणधर्म पर तत्वों केधात्विक तथा अधात्विक गुण निर्भर करते है ।