अलाउद्दीन खिलजी
प्रमुख सुधार
भू राजस्व सुधार
अलाउद्दीन खिलजी ने भूमि कर वसूलने हेतु भू राजस्व सुधार के माध्यम से भूमि की पैमाइश पद्धति लागू की थी
इस पद्धति के तहत अलाउद्दीन खिलजी खड़ी फसल में अनुमान लगाकर भूमि कर की निर्धारित करता था यह पद्धति भूमि की पैमाइश पद्धति कहलाती थी
बाजार नियंत्रण प्रणाली
अलाउद्दीन खिलजी दिल्ली सल्तनत का प्रथम ऐसा शासक था जिसने संपूर्ण बाजार मूल्य को निर्धारित किया था
इस पद्धति का मूल्य उद्देश्य भूमि कर बाजार में व्याप्त भ्रष्टाचार को रोकना था
इस पद्धति के तहत संपूर्ण बाजार का अध्यक्ष दीवाने रियासत कहलाता था जबकि प्रत्येक बाजार का अध्यक्ष साइना ए मंडी कल आता था
स्थाई सेना का गठन
अलाउद्दीन खिलजी दिल्ली सल्तनत का पहला राजा था जिसके द्वारा स्थाई सेना का गठन किया गया था
दाग व हुलिया की प्रथा
इस प्रथा के तहत अलाउद्दीन खिलजी ने सेना में व्याप्त भ्रष्टाचार की जांच की थी
इस प्रथा के तहत समस्त घोड़ों का हुलिया चहरा देखकर उनके शरीर पर दाग लगाया जाता था
अलाउद्दीन खिलजी का साम्राज्य विस्तार
उत्तरी भारत की विजय
गुजरात 1299 ई करण वहीला
रणथंबोर 1301 हम्मीर देव
चित्तौड़ 1303 ई रतन सिंह पत्नी पदमनी युद्ध का कारण साम्राज्य वादिनी
मालवा 1305 ई महलत देव
सिवाण 1308 ई शीतल देव
जालौर 1311 ई कान्हर देव
दक्षिण भारत की विजय
अपने साम्राज्यवादी नीति के तहत दक्षिण भारत के प्रदेशों पर विजय प्राप्त की थी
देवगिरी
होयसल
काकवीय
पांडय
अलाउद्दीन खिलजी की स्थापत्य कला
दिल्ली सल्तनत में सबसे संपूर्ण दोष रहित इमारतों का निर्माण अलाउद्दीन खिलजी के द्वारा करवाया गया था
अलाउद्दीन खिलजी के द्वारा इन इमारतों का निर्माण में अरवेस्की शैली का प्रयोग किया गया था
प्रमुख इमारतें
दिल्ली –
सीरी दुर्ग
हजार स्तुन महल
अलाई दरवाजा
होज खम्स तालाब
जमीयत खाना मस्जिद-ईरानी पद्धति पर निर्माण भारत की प्रथम मस्जिद
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