तंत्रिका तंत्र ( Nervous System )
तंत्रिका तंत्र ( Nervous System ) |
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केन्द्रीय तंत्रिका तंत्र ( Central N.S. ) |
परिधीय तंत्रिका तंत्र ( Peripharal N.S. ) |
स्वायत तंत्रिका तंत्र ( Autonomus N.S. ) |
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मस्तिष्क ( Brain ) कपाल मेरूरज्जू |
कपाल तंत्रिकाएं ( 12 pair ) मेरू तंत्रिकाएं ( 31 pair ) |
अनुकम्पी ( Symphtic ) |
परानुकम्पी (Parasymphtic ) |
· मस्तिष्क –अस्थियों में सुरक्षित ।
मस्तिष्क का भार – 1400 ग्राम मस्तिष्क झिल्लियाँ
( i ) द`ढ़ तानिका ( Deurametar )
( ii ) जाल तानिका ( Archnoid )
( iii ) e`nq तानिका ( Piameter )
· प्रमस्तिष्क मेरू द्रव ( Cerebrum spinal Fluid ) – मस्तिष्क झिल्लियों के मध्य भरा रहता है । कार्य – मस्तिष्क के बाहरी आघात से सुरक्षा ।
मैनेन्जाइटिस – प्रमस्तिष्क मेरूद्रव की
मात्रा बढ़ने से मस्तिष्क झिल्लियों में सूजन ।
मस्तिष्क के प्रकार
मस्तिष्क के प्रकार |
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अग्र मस्तिष्क ( Fare Prain ) |
मध्य मस्तिष्क ( Mid brain ) |
पश्च मस्तिष्क ( Hind brain ) |
प्रमस्तिष्क ( Cerebrum ) घ्राण पालि (Smell lob) थैलेमस |
द`f”V पालि( Optical Lob ) ↓ |
अनुमस्तिष्क ( Cerebrum ) मेड्यूला ऑब्लांगेटा |
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Total = 4 |
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1. प्रमस्तिष्क : ऐच्छिक क्रियाओं ( Volentry Motions ) का नियंत्रणा जैसे – बोलना , सूनना , सोचना , हँसना आदि ।
· प्रमस्तिष्क का पृष्ठीय क्षेत्र जितना अधिक होता है प्राणी उतना ही बुद्धिमान होता है ।
· मनुष्य के प्रमस्तिष्क का पृष्ठीय क्षेत्रफल सर्वाधि क है ।
प्रमस्तिष्क दो गोलार्ध से मिलकर बनता है ।
· थैलेमस –प्रमस्तिष्क के मध्य की गुहा ।
· घ्राण पालि – गन्ध ज्ञान के लिए पायी जाती है जो प्रमस्तिष्क के अग्र भाग में ऊपर की ओर स्थित होती है ।
· घ्राण पालि का विकसित क्रम कुत्ते > कुत्ता
मछली > मांसाहरी > शाकाहारी
2. अनुमस्तिष्क :
· मस्तिष्क के पश्च भाग में गहराई में स्थित ।
· कार्य – शरीर का संतुलन करना ।
· छोटा मस्तिष्क ।
3. मेड्यूला ऑब्लागेटा :
· मस्तिष्क का अन्तिम भाग ।
· अनैच्छिक क्रियाओं का नियंत्रण केन्द्र ।
जैसे – हृदय का धड़कना , श्वसन क्रिया , पाचन , उत्सर्जन आदि ।
मेरूरज्जु
मेरूरज्जु : मेड्यूला ऑब्लागेटा का अन्तिम सिरा धागे नुमा होकर कपाल तंत्र से बाहर निकलता है तथा मेरूदण्ड में प्रवेश करता है इसे मेरूरज्जु कहते है ।
प्रतिवर्ती क्रियाओं ( Reglureaction ) का नियंत्रण केन्द्र ।
प्रतिवर्ती क्रिया |
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अप्रतिबन्धित |
प्रतिबन्धित |
· प्रतिवर्ती क्रियाओं के बारे में मार्श हॉल ने बताया ।
1. अप्रतिबन्धित
· अभ्यास की आवश्यकता नहीं होती है ।
· जन्मजात होती है ।
उदाहरण लार का आना , गर्म वस्तु के छूने पर तुरन्त पीछे हटना , पलकों का झपकना आदि ।
2. प्रतिबन्धित
· अभ्यास की आवश्यकता होती है ।
· जन्मजात नहीं होती है ।
उदाहरण वाहन चलाना , तैरना , डांस करना आदि ।