हृदय ( Heart )
हृदय एक पेशीय अंग होता है । यह वक्षगुहा में कुछ बांयी ओर दोनों फेफड़ों के मध्य फुफ्फुस मध्यावकाश में स्थित रहता है । यह दोहरे आवरण पेरीकार्डियम से घिरा रहता है । हृदय की भित्ति तीन स्तरों की बनी होती है । सबसे बाहरी एपीकार्डियम , मध्य मायोकार्डियम व भीतरी एण्डोकार्डियम कहलाता है ।
मानव हृदय में चार कक्ष होते हैं । दो आलिन्द व दो निलय , निलयों की भित्ति मोटी होती है ।
मनुष्य में मायोजेनिक हृदय पाया जाता है । हृदय का धड़कना दाँये हृदय से शुरू होता है ।
गति निर्धारक का कार्य पेसमेकर करता है । सामान्य हृदय चक्र पूर्ण होने में 0.8 सेकेण्ड का समय लगता है ।
मनुष्य में दोहरा रक्त परिसंचरण तंत्र पाया जाता है ।
हृदय धड़कन का नियंत्रक केन्द्र ‘ मेडूला ऑब्लोगेंटा ‘ होता है ।
रक्त दाब– मनुष्य में रक्त दाब 120/80 mm Hg है । रक्त दाब को स्फिग्मोमेनोमीटर द्वारा नापा जाता है । इसकी खोज रीवा व रोक्की ने की ।