राजस्थान का परिचय(Rajasthan ka Parichay)
राजस्थान का परिचय(Rajasthan ka Parichay) राजस्थान की आकृति -विषमकोणीय चतुर्भुज या पतंगाकार की आकृति में फैला हुआ है
राजस्थान का क्षेत्रफल- 342,239 km2 तथा यह संपूर्ण भारत के क्षेत्रफल का 10.41 प्रतिशत है

राजस्थान | के बाद क्षेत्रफल में सबसे बड़ा राज्य है |
मध्यप्रदेश | 308000 km2 |
महाराष्ट्र | 307713 km2 |
उतर प्रदेश | 240928 km2 |
राजस्थान की लंबाई | उतर से दक्षिण में 826 किमी है | चौडाई- पूर्व से पश्चिम में 869 किमी है |
क्षेत्रफल की दृष्टि से देश का प्रथम राज्य | क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत में सबसे बड़ा राज्य राजस्थान है |
क्षेत्रफल के आधार पर राजस्थान का सबसे बड़ा जिला | जैसलमेर 38401 वर्ग किमी जो कि केरल राज्य के बराबर है |
राजस्थान का सबसे छोटा जिला | धौलपुर 3034 वर्ग किमी |
राजस्थान का विस्तार | राजस्थान 23 °3 उ. से 30°12 उ अक्षांश 69°30 पू से 78°17 पू देशान्तर के मध्य पहला हुआ है |
कर्क रेखा 23°1/2 | कर्क रेखा 23°1/2 उतरी अक्षांश राजस्थान राज्य के दो जिलो बांसवाडा और डूंगरपूर से गुजरती हैं |

पाकिस्तान की सीमा से राजस्थान के 4 जिले पाकिस्तान के साथ इंटरनेशनल सीमा बनाते हैं
जैसलमेर | 464 किमी |
श्रीगंगानगर | 210किमी |
बीकानेर | 168किमी |
बाडमेर | 228 किमी |
रेडक्लिफ रेखा
राजस्थान की कुल सीमा 5920 है तथा यह 1070 किमी पाकिस्तान के साथ इंटरनेशनल सीमा बनाता है जिसे रेडक्लिफ रेखा कहते हैं |
रेडक्लिफ रेखा श्रीगंगानगर जिले के हिन्दुमलकोट गांव से बाडमेर के शाहगढ गांव तक राजस्थान की सीमा पांच राज्यों पंजाब, हरियाणा, उतर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात से हैं
सबसे लम्बी सीमा मध्यप्रदेश 1600 किमी सबसे छोटी सीमा पंजाब 89 किमी हैं
पंजाब से राजस्थान के दो जिले श्रीगंगानगर एवं हनुमानगढ तथा पंजाब के दो जिले फाजिल्का और मुक्तसर
मध्यप्रदेष के साथ राजस्थान के 10 जिले धोलपुर, करौली, सवाईमाधोपुर, कोटा बारां झालावाड चितौडगढ भीलवाडा प्रतापगढ बांसवाडा
राजस्थान और मध्यप्रदेष की सीमा बनाती है
चम्बल एवं पार्वती नदी
राजस्थान में जिलों का निर्माण याद करने की ट्रिक- आज धो बदरा हक पर |
जिला | तिथि | |
26 वां जिला | अजमेर | 1 नवम्बर 1956 |
27 वां जिला | धौलपुर | 15 अप्रेल 1982 |
28,29,30 वां जिला | बारां, दौसा, राजसमंद | 10 अप्रेल 1991 |
31वां जिला | हनुमानगढ | 12 जुलाई 1994 |
32 वां जिला | करौली | 19 जुलाई 1997 |
33 वां जिला | प्रतापगढ | 26 जनवरी 2008 |
- राजस्थान का उतरतम गांव गंगानगर का कोणा पश्चिमतम गावं जैसलमेर का कटरा दक्षिणतम गावं बांसवाडा का बोरकुण्ड पूर्वतम धोलपुर का सिलावट
- राज्य में आठ जिले जो किसी देश अथवा राज्य के साथ सीमा नही बनाते आन्तरिक जिले याद करने की ट्रिक- दो टके की बून्दी लेकर आज नगर में जो पहले आया वो राजा दौसा टोक बून्दी अजमेर नागौर जोधपूर पाली राजसमन्द
- राज्य के दो जिले अन्तर्राष्ट्रीय एवं अन्तर्राज्यीय दोनो सीमा से लगते है बाडमेर (पाकिस्तान व गुजरात ) गंगानगर ( पाकिस्तान एवं पंजाब)
Rajasthan के पाली जिले की सीमा सर्वाधिक राज्यों से मिलती है जालोर, सिरोही, उदयपुर, राजसंमंद, अजमेर, नागौर, जोधपुर, बाडमेर
- राजस्थान की आकृति -विषमकोणीय चतुर्भुज या पतंगाकार
- राजस्थान का क्षेत्रफल- 342239 संपूर्ण भारत का 10.41 प्रतिशत
- राजस्थान के बाद मध्यप्रदेश 308000 किमी महाराष्ट्र 307713 वर्ग किमी उतर प्रदेश 240928
- राजस्थान की लंबाई – उतर से दक्षिण 826 किमी
- राजस्थान की चौडाई- पूर्व से पश्चिम 869 किमी
- क्षेत्रफल की दृष्टि से देश का प्रथम राज्य राजस्थान
- राजस्थान राज्य का सबसे बडा जिला जैसलमेर 38401 वर्ग किमी केरल राज्य के बराबर
- राजस्थान का सबसे छोटा जिला – धौलपुर 3034 वर्ग किमी
- राजस्थान का विस्तार 23° 3′ उ . से 30° 12′ उ अक्षांश 69° 30′ पू से 78° 17′ पू देशान्तर
- कर्क रेखा 23° उतरी अक्षांश राज्य के दो जिलो बांसवाडा और डूंगरपूर से गुजरती हैं
- राजस्थान की सीमा 5920 किमी
- सीमा पाकिस्तान के साथ 1070 किमी जिसे रेडक्लिफ रेखा कहते हैं
- पाकिस्तान की सीमा से राजस्थान के 4 जिले जैसलमेर 464 किमी , श्रीगंगानगर 210 किमी , बीकानेर 168 किमी . बाडमेर 228 किमी
- रेडक्लिफ रेखा श्रीगंगानगर जिले के हिन्दुमलकोट गांव से बाडमेर के शाहगढ गांव तक
- राजस्थान की सीमा पांच राज्यों पंजाब हरियाणा उतर प्रदेश , मध्य प्रदेश गुजरात से हैं
- सबसे लम्बी सीमा मध्यप्रदेश 1600 किमी सबसे छोटी सीमा पंजाब 89 किमी हैं
- पंजाब से राजस्थान के दो जिले श्रीगंगानगर एवं हनुमानगढ़ तथा पंजाब के दो जिले फाजिल्का और मुक्तसर
- मध्यप्रदेष के साथ राजस्थान के 10 जिले धोलपुर , करौली , सवाईमाधोपुर , कोटा बारा झालावाड चितौडगढ भीलवाडा प्रतापगढ बांसवाडा
- राजस्थान और मध्यप्रदेष की सीमा बनाती है- चम्बल एवं पार्वती नदी
- राजस्थान में जिलों का निर्माण याद करने की ट्रिक- (आज धो बदरा हक पर ) 26 – वां जिला अजमेर 1 नवम्बर 1956, 27 वां जिला धौलपुर 15 अप्रेल 1982, 28,29,30 – वां जिला बारां दौसा राजसमंद 10 अप्रेल 1991, 31 – वां जिला हनुमानगढ़ 12 जुलाई 1994, 32 – वां जिला करौली 19 जुलाई 1997, 33 – वां जिला प्रतापगढ़ 26 जनवरी 2008
- राजस्थान का उतरतम गांव गंगानगर का कोणा पश्चिमतम गावं जैसलमेर का कटरा दक्षिणतम गाव बासवाडा का बोरकुण्ड पूर्वतम धोलपुर का सिलावट
- राज्य में आठ जिले जो किसी देश अथवा राज्य के साथ सीमा नहीं बनाते आन्तरिक जिले याद करने की (ट्रिक- दो टके की बून्दी लेकर आज नगर में जो पहले आया वो राजा ) दौसा टोक बून्दी अजमेर नागौर जोधपूर पाली राजसमन्द
- राज्य के दो जिले अन्तर्राष्ट्रीय एवं अन्तर्राज्यीय दोनो सीमा से लगते है बाडमेर ( पाकिस्तान व गुजरात ) गंगानगर ( पाकिस्तान एवं पंजाब ) 23 राज्य के पाली जिले की सीमा सर्वाधिक जिले से जालोर सिरोही उदयपुर राजसमंद अजमेर नागौर जोधपुर बाडमेर
राजस्थान के मुख्य भौतिक भाग
- राजस्थान के 4 भौतिक भाग अ . पश्चिमी रेतीला मैदान 1 , महान भारतीय मरूभूमि अ . मरूस्थली ब . बालुका स्तूप विहिन प्रदेश
- राजस्थान बांगर (अ ) लूनी बेसिन (ब) नागौर उच्च भूमि (स ) शेखावाटी प्रदेश (द) घग्घर का मैदान
अरावली प्रदेश
- उ पू पहाडी प्रदेश
- मध्य अरावली
- मेवाड की पहाडिया या भोराट का पठार
- आबू पर्वत
पूर्वी मैदान
- चम्बल बेसिन
- बनास बेसिन
- माही बेसिन
- बाणगंगा बेसिन
दक्षिण पूर्वी पठार
- विध्यन कगार भूमि
- हाडौती का पठार
सर्वप्रथम अरावली का निर्माण सबसे अत में पश्चिमी रेतीला मैदान ( थार का मरूथल ) हुआ
पश्चिमी रेतीला मैदान
- अरावली के उतर पश्चिम में विस्तृत मैदान लम्बाई 640 किमी चौडाई 300 किमी
- मेदान की पूर्वी सीमा 50 सेमी वार्षिक रेखा
- पश्चिमी रेतीले मैदान में 12 जिले श्रीगंगानगर हनुमानगढ बीकानेर चुरू नागोर जोधपुर जैसलमेर बाडमेर जालौर पाली सीकर झूझनू
- इस क्षेत्र की घासें सेवण धामण मुरात भुरट अंजन
- इस क्षेत्र के स्थानान्तरित बालूका स्तमपो को धरियन कहते हैं I
- तीन प्रकार के बालूका स्तूप अ . अनूदैर्घ्य बालुकास्तूप : – बाडमेर , जैसलमेर , जोधपुर में ब . अनुप्रस्थ बालुकास्तूप- मरूस्थल के उतरी और उतरी पूर्वी भागों में स . बरखान अथवा अर्द्धचन्द्रकार बालूकास्तूप- श्रीगंगानगर , हनुमानगढ बीकानेर चुरू
- इस क्षेत्र में वर्षाकान में बनने वाली प्लाया झीलों को रन या टाट कहते है I
- लाठी सीरीज क्षेत्र – जैसलमेर
- थार के मरूस्थल को थली कहते है ।जो ग्रेट पेलियाआर्कटिक अफ्रीकी मरूस्थल पूर्वी भाग
- संपूर्ण थार मरुस्थल का 62 प्रतिशत राजस्थान में हैं सामान्य ढाल पूर्व से पश्चिम तथा उतर से दक्षिण की तरफ है ।
- थार का मरूस्थल पूर्व के टेथिस सागर का अवशेष है
महान भारतीय मरूभूमि / भारतीय मरूस्थल
- 25 सेमी वर्षा रेखा के पश्चिम में जैसलमेर बीकानेर दक्षिणी पश्चिमी जोधपुर एव उतरी बाडमेर में विस्तृत
- इस क्षेत्र में वर्षा काल में बनने वाली मौसमी प्लाया झीलों को खडीन या खाडी कहते हैं
- बालुका स्तुप मुक्त प्रदेश में बनने वाली झीलों को रन या टाट कहते है ।
- पश्चिमी रेतीला मैदान 61.11 % अरावली प्रदेश 09.00 % पूर्वी मैदान 23.00 % दक्षिण पूर्वी पठार 06.89 %
राजस्थान बांगर
पश्चिमी रेतीले मेदान ओर अरावली पर्वतमाला के मध्य का क्षेत्र
- लूनी बेसिन ( गोडवाड क्षेत्र ) – पाली जालौर बाडमेर का दक्षिणी भाग सिरोही का उतर पश्चिमी भाग
- नागौर उच्चभूमि- नागौर का अधिकाश भाग जोधपूर के उतरी पूर्वी भाग
- घग्घर का मैदान- श्रीगंगानगर एवं हनुमानगढ़ जिले में , इस मैदान की एकमात्र नदी घग्घर ( वर्तमान नदी सरस्वती )
- शेखावाटी क्षेत्र – सीकर झूझनू चूरू जिले में विस्तृत यहां खेजडी के वृक्ष बहुतायत मिलते है । जिन्हें स्थानीय भाषा में जांटी कहते है
अरावली प्रदेश
- विश्व की प्राचीनतम वलित पर्वतमाला , निर्माण 60 करोड वर्ष पूर्व कैम्ब्रियन युग में माना जाता हैं
- यह प्रदेश 50 सेमी वर्षा रेखा क्षेत्र से अलग होता है I
- अरावली का विस्तार खेडब्रम्हा साबरकांठा गुजरात से दिल्ली तक 692 किमी हैं दिल्ली में रायसीना की पहाडिया कहा जाता हैं
- राजस्थान में अरावली की लम्बाई 550 किमी हैं राजस्थान में पर्वतमाला की अवस्थिति दक्षिण पश्चिम से उतर पूर्व की और हैं I
- इसकी तुलना उतरी अमेरिका के अप्लेशियन पर्वत से की जा सकती है I
- अरावली का निर्माण- क्वार्टजाईट व ग्रेनाइट चटटानों से बनी ।गोंडवाना लैण्ड का अवशेष हैं
गुरू शिखर
- अरावली पर्वतमाला की सर्वोच्च चोटी 1722/1727 मी । गुरू दतात्रेय की तपोस्थली ।
- कर्नल जेम्स टॉड ने सन्तो का शिखर कहा हैं
- चोटी के नीचे पश्चिम की ओर राजस्थान का सबसे ऊँचा पठार उडिया का पठार हैं
- अरावली पर्वतमाला की समुद्रतन से ओसत ऊँचाई 930 मीटर |
चोटियां
ऊचाई गुरूशिखर सिरोही 1722 मीटर सेर सिरोही 1597 मीटर जरगा उदयपुर 1431 मीटर अचलगढ़ सिरोही 1380 मीटर रघुनाथगढ सीकर 1055 मीटर खोह जयपुर 920 मीटर तरागढ़ अजमेर 873 मीटरभैराच अलवर 792 मीटर |बाबाई जयपुर 780 मीटर |बैराठ अलवर 704 मीटर
मध्य अरावली प्रदेश
इस क्षेत्र में अजमेर एवं जयपुर जिले का क्षेत्र इस क्षेत्र की प्रमुख पहाडियाँ साँभर की पहाड़ियाँ , मेरवाडा की पहाडिया , कुकरा की पहाडिया मेरवाडा की पहाडिया मारवाड के मेदान को मेवाड के पटार से अलग करती है । इन पहाड़ियों की प्रमुख दर्रे बर , खामली घाट , गोरमघाट इन पहाड़ियों का सर्वोच्च शिखर तारागढ 873 मी अजमेर के निकट नाग पहाड अजमेर में स्थित हैं जहां से लूनी नदी निकलती हैं मेरवाडा की पहाड़ियों का दक्षिणी छोर कुकरा की पहाडिया कहलाती हैं बर दर्रा- पाली जिलमें में स्थित ब्यावर को बर से जोडता हैं गोरमघाट एवं खामली दरे- राजसमंद में जोधपुर उदयपुर रेलमार्ग पर स्थित मारवाड जंक्शन पाली को आमेट राजसमंद से जोडते हैं हर्ष पर्वत सीकर में स्थित हैं मेवाड की पहाडिया एवं भोराट का पठार : विस्तार उदयपुर , राजसमन्द , पाली , भीलवाडा , चितोडगढ , डूंगरपूर उदयपुर के चारो ओर विस्तृत तश्तरीनुमा पहाडियों के स्थानीय भाषा में गिरवा / गिर्या कहते है । कुर्भलगढ ( राजसमंद ) से गोगुन्दा ( उदयपुर ) के मध्य स्थित भोराट का पठार 600 मीट ऊँचा है । पीडमान्ट मैदान- अरावली पर्वत श्रेणी में देवगढ ( राजसमंद ) के समीप स्थित मेवाड की पहाड़ियों में दो प्रमुख दर्रे- देसूरी नाल ( देसूरी को चारभुजा से ) , हाथी गुडा की नाल दर्रा । ( सिरोही को गोगुन्दा से जोडता है ) बीजासण का पठार- मांडलगढ़ ( भीलवाडा ) पुर्वी सिरोही में उबड़ खाबड पहाडियों को भाकर कहते हैं मगरा- उदयपुर के उ पश्चिम में स्थित पहाडियां जयसमन्द झील के पूर्व में लसाडिया का पठार विस्तृत है । आबू पर्वत क्षेत्र : – अरावली पर्वतमाला का सबसे ऊँचा क्षेत्र सिरोही जिले के दक्षिण भाग में स्थित लम्बाई 19 किमी चौडाई 8 किमी ऊँचाई 1200 मीटर । आबू पर्वत पर सबसे ऊँचा नगर माउण्ट आबू 1200 मीटर हैं
पूर्वी मैदान
राजस्थान के 23 % भू भाग पर प्रतापगढ़ भीलवाडा चितोडगढ़ बांसवाडा टोक बूंदी अजमेर जयपुर भरतपुर दोसा अलवर धौलपुर सवाई माधोपुर करौली में विस्तृतयहा पर जलोढ एवं दामट मिट्टी पाई जाती हैं राज्य का सबसे उपजाऊ क्षेत्र चम्बल बेसिन ( ट्रिक- माधोक दो नहीं तो टोको ) सवाईमाधोपुर , धोलपुर , करोली टोक , कोटा में विस्तृत नवीन काप मिट्टी के जमाव बनास बेसिन- ( ट्रिक – आज राज भी चित टो ) अजमेर राजसमंद भीलवाडा , चितोडगढ टोंक क्षेत्र में विस्तृत माही बेसिनः- ( ट्रिक- डूबा उदय प्रताप ) डूंगरपूर बांसवाडा , उदयपुर प्रतापगढ में विस्तृत माही बेसिन की ओसत ऊँचाई 200 से 400 मीटर प्रतापगढ एवं बांसवाडा के मध्य छपन गांवों के समूह को छप्पन का मैदान कहते हैं बाणगंगा बेसिनः- ( ट्रिक- जय भर दो ) जयपुर भरतपुर दोसा में विस्तृत
दक्षिणी पूर्वी पटार ( हाडौती का पठार )
मालवा के पठार का उतशी पश्चिमी भाग है । चम्बल पार्वती काली सिंध परवन आहू नदियां इस क्षेत्र में बहती हैं कोटा बूदी , बारा झालावाड सवाईमाधोपुर करोली जिलों एवं चितोडगढ के भैंसरोडगढ क्षेत्र में विस्तृत ऊपरमाल का पठार भैंसरोडगढ ( चितोडगढ ) से बिजोलिया ( भीलवाडा ) तक विस्तृत विध्यन कगार भूमि- धौलपुर करोली सवाईमाधोपुर में विस्तृत दक्कन का लावा पठार- कोटा बूंदी झालावाड बारां भैसरोडगढ़ में विस्तृत राजस्थान की सर्वाधिक वर्षा झालावाड जिलें में ओसत 100 सेमी होती हैं यहां की प्रमुख फसले कपास सोयाबीन अफीम धनिया संतरे है । मुकुन्दवाडा ( मुकुन्दरा ) की पहाडियां : -कोटा झालावाड
अन्य : राजस्थान में समुद्रतल से सबसे कम ऊँचा 50 मीटर क्षेत्र सांचोर ( जालोर ) एवं बाडमेर में नेहड क्षेत्र मालखेत ( मालकेतु ) की पहाड़ियाँ- सीकर एवं झुंझनू सुन्धा की पहाडियां – जालोर इन पहाड़ियों पर सुंधा माता ( चामुण्डा माता ) का मंदिर स्थित है । राजस्थान का पहला रोप वे यहीं पर कार्यरत हैं । राजथिान का पहला भालू अभयारण्य इसी क्षेत्र में स्थित हैं मेसा का पठार – पर चितोडगढ का दुर्ग निर्मित है । ( ऊँचाई 620 मी ) त्रिकुट पहाडी पर जैसलमेर का सोनारगढ़ दुर्ग स्थित हैं अरावली पर्वतमाला को स्थानीय भाषा में आडावलौ कहा जाता हैं सोनगिरी ( स्वर्णगिरी / कचनगिरी ) जालोर की पहाडी जिस पर सोनगढ दुर्ग स्थित हैं आडावल पर्वत- बून्दी में स्थित है जिले पहाडी / पर्वत / पठार
जयपुर
साभर की पहाडियां बैराठ की पहाडियां , बांसखो , बाबाई , मोतीडूंगरी , गढगणेश , चूलगिरी , झालाना डूंगरी , शील की डूंगरी
अलवर
भैंराच की पहाडी , राजगढ़ की पहाडियां
सीकर
हर्ष की पहाडिया मालकंतु पर्वत , खण्डेला की पहाडिया , रघुनाथगढ , नीम का थाना
झुंझुनू
सिंघाना की पहाडियां खेतडी की पहाडियां
अजमेर
मेरवाडा की पहाडियां , कुकरा की पहाडियां नाग पहाड , टॉडगढ की पहाडियां
नागौर
परबतसर की पहाडियां
उदयपुर
जसवन्तगढ , सायरा , गोगुन्दा , गिरवा , भोराट का पठार , लसाडिया का पठार भामट का पठार
राजसमन्द
खमनौर की पहाडियां , बिजराल की पहाड़ियाँ , देवगढ़ की पहाड़ियाँ
चितौडगढ़
मेसा पठार
जोधपुर
कायलाना की पहाडियों , मण्डोर की पहाड़ियाँ ,
जालोर
कन्यागिरी , कंचनगिरी ऐसराणा पर्वत , डोरा पर्वत , जसवन्तपुरा की पहाड़ियाँ , भाद्राजून की पहाड़ियाँ
सिरोही
आबू पर्वत , भाकर क्षेत्र
बाडमेर
छप्पन की पहाड़ियाँ , नाकोडा पर्वत
जैसलमेर
त्रिकूट की पहाड़ियाँ , पोकरण उच्चभूमि अलवर
पाली रणकपुर की पहाड़ियाँ
चुरू
स्यानण की पहाड़ियाँ
कोटा – झालावाड
मुकुंदरा की पहाड़ियाँ
बूंदी
आडावल पर्वत