प्रतिरक्षा विज्ञान AND रक्त समूह ( Immunity and blood groups )

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प्रतिरक्षा विज्ञान AND रक्त समूह ( Immunity and blood groups )

प्रतिरक्षा विज्ञान

रोगाणुओं के उन्मूलन हेतु शरीर में होने वाली क्रियाओं तथा संबंधित तंत्र के अध्ययन को प्रतिरक्षा विज्ञान कहा जाता है । इस तंत्र में करोड़ों कोशिकाएँ , लसीका या प्रतिरक्षात्मक अंग [ जैसे अस्थिमज्जा ( Bone marrow ) , लसिका पर्व ( Lymph nodes ) , थाइमस ( Thymus ) , यकृत ( Liver ) आदि ] , रक्त तथा लसीका क्रियाशील होती है । शरीरमें दो प्रकार की प्रतिरक्षा विधियाँ कार्य करती हैं

स्वाभाविक प्रतिरक्षाविधि ( Innate defense mechanism )

यह जन्मजात प्रतिरक्षा विधि है जिसे अनिर्दिष्ट( सामान्य ) या प्राकृतिक प्रतिरक्षाभी कहा जाता है । इसे सामान्य की संज्ञा इस लिए दी जाती है क्योंकि यह प्रतिरक्षा किसी विशेष रोगाणु से विशिष्ट रूप से रक्षा प्रदान नहीं करती वरन यह सभी प्रतिजनों के विरूद्ध समान तरीके से कार्य करती है । स्वाभाविक प्रतिरक्षा के लिए निम्न कारक सहायक होते हैं

1. भौतिक अवरोधक :-

भौतिक अवरोधक जैसे त्वचा , नासिका छिद्रों तथा अन्य अंगों में पाए जाने वाले पक्ष्माभ ( Cilia ) व कशाभ ( Flagella ) , श्लेष्म उपकला आदि

2. रासायनिक अवरोधक :-

रासायनिक अवरोधक जैसे आमाशय में पाए जाने वाला अम्ल , आमाशय व योनि काअम्लीय वातावरण , त्वचा पर पाए जाने वाले रसायनिक तत्व , विभिन्न देह तरलों जैसे- लार , अश्रु , पसीना इत्यादि में पाए जाने वाले रासायनिक तत्व ।

3. कोशिका अवरोधक :-

कोशिका अवरोधक भक्षकाणु क्रिया में सक्षम कोशिकाएँ जैसे महाभक्षक ( Macrophage ) , मोनोसाइट , न्यूट्रोफिल ( Neutrophile ) कोशिकाएँ आदि । साथ हीसाइटोटोक्सिक ( Cytotoxic ) कोशिकाएँ जैसे प्राकृतिक मारक कोशिका ( Natural Killer cells ) आदि । ज्वर , सूजन ( Inflammation ) आदि ।

उपार्जित प्रतिरक्षाविधि( Acquired defense mechanism ) –

उपार्जित प्रतिरक्षाविधि( Acquired defense mechanism ) यह अनुकूली (Adaptive) अथवा विशिष्ट (Specific) प्रतिरक्षा भी कहलाती है। इस प्रकार कीप्रतिरक्षा में एक पोषक (Host) किसीविशेष सूक्ष्मजीव अथवा बाह्य पदार्थ के प्रति अत्यंतविशिष्ट प्रघात करता है । इसप्रतिरक्षा में प्रतिरक्षियों ( Antibodies ) का निर्माण किया जाता है । येप्रतिरक्षी , प्रतिजन के साथ विशिष्टप्रकार की अभिक्रिया करतेहैं । इन अभिक्रियाओंके कारण कोशिका मध्यितप्रतिरक्षा( Cell mediated immunity ) सक्रियहोती है । इनसबके परिणाम स्वरूप शरीर में प्रतिजन का उन्मूलन कियाजाता है ।

विशिष्टप्रतिरक्षा दो प्रकार की होती है

1. सक्रिय प्रतिरक्षा ( Active immunity )

ऐसी प्रतिरक्षा जिसमें शरीर प्रतिजन के विरूद्ध स्वयंप्रतिरक्षियों का निर्माण करताहै । यह प्रतिरक्षाकेवल उस विशिष्ट प्रतिजनके लिए होती है जिसके विरूद्धप्रतिरक्षी का निर्माण होताहै ।

2. निष्क्रिय प्रतिरक्षा ( Passive Immunity )

– इस प्रकार की प्रतिरक्षा मेंशरीर में किसी विशेष प्रतिजन के विरूद्ध बाहरसे विशिष्ट प्रतिरक्षी प्रविष्ट करवाए जाते हैं ।


प्रतिजन व प्रतिरक्षी ( Antigen and antibody )

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