काँच ( Glass )
काँच विभिन्न अक्रिस्टलीय क्षारीय धातुओं का संभागी मिश्रण होता है । • निर्माण रेत ( सिलिका ) , सोडियम कार्बोनेट और कैल्शियम कार्बोनेट ( चूना पत्थर ) को उचित अनुपात में मिलाकर निश्चित ताप पर गलाकर मिश्रण बनाया जाता है ।
काँच के प्रकार
( i ) सोडा ग्लास ( Soft Glass ) = खिड़कियाँ , ट्यूबलाईट , बोतल , घरेलू सामान ।
( ii ) पोटाश ग्लास ( Hard Glass ) = बीकर , परख नलियाँ आदि ।
( iii ) फोटोक्रोमेटिक ग्लास -सनग्लास ( u.v. rays में गहरा रंग )
( iv ) पाइरेक्स काँच — प्रयोगशाला उपकरण
( v ) फ्लिट काँच — कैमरे का ले फिल्म पाइशोरकोट टेलीस्कोप , विद्युत जल्बा
( vi ) क्राउन ग्लास –– प्रकाशीय उपकरण
( vii ) क्रुक ग्लास – Eye Lenses नेत्र दोष में प्रयुक्त ।
नोट – फोटोक्रोमेटिक कांच तेज धूप मे काले हो जाते हैं , जो इनमें उपस्थित सिल्वर क्लोराईड रंग परिवर्तन कर देते है
फ्लिट व क्राउन काँच का उच्च अपवर्तनांक होता है ।
क्रुक ग्लास में सिरियम ऑक्साइड ( CEO , ) पाए जाने के कारण UV किरणों का अवशोषण करता है । •
आभूषणों व महंगें काँच के बर्तन में लेडऑक्साइड मिलाया जाता है ।
रंगीन कांच-
पौला काँच कैडमियम सल्फाइड ,
गहरा नीला काँचकोबाल्ट ऑक्साइड ,
नारंगी लाल रंग सेलिनियम ऑक्साइड ,
भूरा रंग —फेरिक ऑक्साइड ,
काला रंग- निकेल व मैंगनीज मोनो ऑक्साइड ,
गुलाबी रंग — मैंगनीज डाई ऑक्साइड ,
हरा रंग – फरस ऑक्साइड या सोडियम क्रोमेट , )
वाटर ग्लास — सोडियम सिलिकेट – जल में घुलनशील काँच
Er. Dinesh