आनुवांशिकी Genetics

author
5 minutes, 19 seconds Read

आनुवांशिकी

आनुवांशिकी विज्ञान की वह शाखा जिसके अंतर्गत आनुवांशिक लक्षणों की वंशागति का अध्ययन किया जाता है

आनुवांशिकी का जनकग्रेगर जॉन मेण्डल

आनुवांशिकी लक्षणसंतति को अपने जनक से प्राप्त लक्षण

आनुवांशिकी के पुनः खोजकर्ता

( i ) कॉल कोरेन्स

( ii ) इरिक वॉन शेरमर्क

( iii ) हुगो डी ब्रीज मेण्डल ने मटर ( पाइसम सेटाइवम ) पादप पर आनुवंशिक प्रयोग किए

मेण्डल के प्रयोग

1.    

T =लंबे , = बौने


एक संकर क्रॉस ( Monohybrid Cross ) – जब सजीव के किसी एक लक्षण के युग्म विकल्पी ( एलिल ) के मध्य क्रॉस कराया जाए

 

जनक ( 2 n ) जनक ( 2 n ) 0 ( युग्मक ( n ) Egg Polen OF पीढ़ी Hybed O AO OF पीढ़ी

लक्षण प्ररूप = 33 : 1

जीन प्ररूप =1 : 2 : 1

एक संकर क्रॉस पर आधारित नियम

A.     प्रभावित का नियम जब दो शुद्ध जनको के मध्य क्रॉस कराते हैं तो F , पीढ़ी में जो लक्षण प्रकट होता हैं उसे प्रभावी और जो लक्षण प्रकट नहीं होता हैं उसे अप्रभावी लक्षण कहते हैं

B.      युग्मको की शुद्धता का नियम प्रत्येक युग्मक किसी लक्षण विशेष के लिए पूरी तरह शुद्ध होता है इसे मेण्डल का सार्वत्रिक नियम ( Universal Law ) भी कहा जाता है

इसे जीन पृथक्करण का नियम भी कहते है

द्विसंकर क्रॉस ( Dhybrid Cross )जब जनक के दो लक्षणों के एलिल के मध्य क्रॉस कराया जाए

RrYy

  ˟

RrYy

Round yellow

Round yellow

RY

Ry

rY

ry

RY

Ry

rY

ry

 

 

RY

Ry

rY

ry

RY

RRYY

RRYy

RrYY

RrYy

Ry

RRYy

RRyy

RrYy

Rryy

rY

RrYY

RrYy

rrYY

rrYy

ry

RrYy

Rryy

rrYy

rryy

Punnet Square

9 = लंबेलाल , 3 = लंबेसफेद , 3 = बौनेलाल , 1 = बौनेसफेद

द्विसंकर क्रॉस पर आधारित नियम

स्वतंत्र अपव्युहन नियमइस नियमके अनुसार जीनो की वंशागति , स्वतंत्र रूप में होती है और जीन स्वतंत्र रूप से संयोग करके नए लक्षण उत्पन्न करते है

प्रभावित नियम के अपवाद

1.      अपूर्ण प्रभावित

A.     ड्रोसोफिला मक्खी के आंखो का भूरा रंग

B.      लाल और सफेद पुष्प वाले मटर के पादपों के मध्य क्रॉस करवाने पर कुछ पुष्पों का रंग गुलाबी होना

2.      सह प्रभाविता

A.     मवेशियों की त्वचा का रंग

B.      मनुष्य में Blood Group की वंशागति

C.     अप्रभावितमनुष्य में Blood Group की वंशागति

 स्वतंत्र अपव्यूहन नियम का अपवाद

·         आनुवांशिक रोगो की वंशागति

मनुष्य में लिंग निर्धारण

मनुष्य में कुल गुणसूत्र = 46 , कायिक गुणसूत्र

= 44 ( नर मादा में समान )

लिंग गुणसूत्र = 2 ( नर -XY , मादा – Xx )

नर 44 + XY मादा 44 + XX शुक्राणु 22 + x 22 + Y 22 + X 22 + x अण्डाणु 44 + XX पुत्री 44 + XX पुत्री 44 + XY पुत्र 44 + XY पुत्र

न्युक्लिक अम्ल :

·         खोज फ्रेडरिक माईश्चर ने ( मवाद कोशिका ( Puss Cell )

·         केंद्रक में उपस्थित

·         फॉस्फोरिक अम्ल की मात्रा अधिक ( More quantity of Phosphoricd Acid )

·          प्रकार

i.                    DNA – Deoxy Ribose Nuclic Acid

ii.                  RNA- Ribose Nuclic Acid

न्युक्लिक अम्ल का रासायनिक संगठन ( Chemical Composition )

·         शर्करा   Deoxy Ribose ( DNA ) C5H10O4,

·         Ribose ( RNA ) – C5H10O5

·         फॉस्फोरिक अम्ल – H3PO4

·         N क्षारक

i.                    प्यूरीनएडिनीन ( A ) , ग्वानिन ( G )

ii.                  पिरिमिडिनसाइटोसिन ( C ) , थायमिन ( T ) , यूरेसिल ( U )

DNA अणु का निर्माण  

शर्करा + फॉस्फोरिक   एसिड + नाइट्रोजन

क्षारक

प्युरीन = A,G

पिरिमिडीन = C ,T

.

DNA अणु का निर्माण निम्न चरणों में होता है

A.      न्यूक्लिओसाइडशर्करा + नाइट्रोजन ,  क्षारक शर्करा के प्रथम कार्बन पर N- क्षारक जुड़ता है ( Oxygen ) N – base 4

B.      न्युक्लिओटाइड

·         DNA की संरचनात्मक इकाई

·         न्युक्लिओसाइड + फॉस्फेट ( H , PO )

·         फॉस्फेट समूह 3rdकार्बन पर N – base ®

C.      पॉलिन्युक्लिओटाइडन्युक्लिओटाइड का आपस में जुड़ना

·         एक न्युक्लिओटाइड दूसरे न्युक्लिओटाइड से फॉस्फेट समुह द्वारा जुड़ता है

·         फॉस्फेट एक शर्करा के 3rd तथा दूसरी शर्करा के 5th कार्बन परमाणु के मध्य जुड़ता है

D.     DNA अणु

i.                    DNA अणु में दो पॉलिन्युक्लिओटाइड श्रृंखला एकदूसरे के प्रति समान्तर क्रम में स्थित होती है

ii.                  पॉलिन्यूक्लिओटाइड श्रृंखला आपस में हाइड्रोजन बंध द्वारा जुड़ती हैं जो नाइट्रोजन क्षारक के बीच में बनती है प्यूरिन क्षारक पिरेमिडिन क्षारक से जुड़ता हैं जहाँ एडिनिनथायमिन के बीच दो हाइड्रोजन बंध तथा साइटोसिन ग्वानिन के बीच तीन हाइड्रोजन बंध बनती है

DNA अणु की मोटाई

·         20 Ao

·         DNA अणु में दक्षिणावर्त कुण्डलन पाया जाता है

·         DNA अणु के एक घुर्णन की लंबाई 34 A ° होती है

·         एक घूर्णन में 10 पॉलि न्यूक्लीयोटाइड अणु होते है

·          DNA अणु का आण्विक मॉडल वॉटसन क्रिक द्वारा दिया गया

RNA ( राइबोस न्युक्लीक एसिड )

 शर्कराराइबोस

N- क्षारकप्यूरीन = एडिनिन ग्वानीन

 पिरिमिडिनथाइमिन युरेसिल

A=T

 

G   =  U

 

Types of RNA

a.      M – RNA : – द्रव्य RNA

निर्माण – DNA द्वारा

कार्यप्रोटीन अणु निर्माण की सूचना कोशिका द्रव्य में लाना

b.      t – RNA (स्थानांतरण RNA )

निर्माण – DNA द्वारा

कार्यअमीनो अम्ल का राइबोसोम पर स्थानांतरण करना

c.       r – RNA ( राइबोसोम – RNA )

निर्माणकेंद्रिका द्वारा

कार्य- अमीनो अम्ल को आपस में जोड़कर प्रोटीन अणु बनाना ( राइबोसोम पर )

प्रोटीन निर्माण का केंदिय सिद्धान्तवाटसन क्रीक द्वारा

DNA Tronscription m – RNA Translation प्रोटीन अणु

गुणसूत्र ( क्रोमोसोम ) –

खोजवाल्डेयर

गुणसूत्र की आकारिकी का अध्ययनमेटाफेज में ( मध्यावस्था )

रोग ( Disease )

( Dis + ease = Uneasiness )

रोग ( Disease ) : वह अवस्था जो स्वस्थ व्यक्ति की शारीरिक क्रियाओं को प्रभावित करती है , तथा किसी अंग या तंत्र की कार्यक्षमता में कमी लाती है , रोग कहलाती है

 

 

 

 

शब्दावली

प्रोफाईलोक्सिस

रोगों से बचाव Prophyloxis कहलाता है

एपिडीमोलोजी

 

 

रोग का कारण प्रसार का अध्ययन ऐसे रसायन जो सूक्ष्म जीवों द्वारा स्त्रावित  किये जाते है और अन्य सूक्ष्म जीवों की | एण्टीबायोटिक्स वृद्धि को रोकते है उन्हें नष्ट करते हैं एंटीबायोटिक्स कहलाते हैं उदाहरणस्ट्रेप्टोमाइसिन , टेट्रासाइक्लिन

एण्टीजन

एण्टीबॉडी के उत्पादन को प्रेरित करने वाले रसायन Antigen कहलाते हैं

Analgesic

दर्द या पीड़ा को नष्ट करने वाले रसायन उदाहरणमोर्फिन , कोडिन

Antipyretic

 

ऐसे रसायन जो शरीर के ताप को कम या नियंत्रित करते हैं । उदाहरणएस्प्रीन , रासिटामोल

इन्टरफेरोन

ये Antiviral Protein होते है जो वायरस संक्रमित कोशिका द्वारा स्त्रावित होते है तथा अपने आस पास की कोशिका को संक्रमण से बचाते हैं

                                   

रोग

उत्पत्ति के आधार पर

जन्मजात रोग

( उपापचयी अनियमितता के कारण )

अर्जित रोग( उपार्जित रोग )

( ब्राह्य रोग कारकों के कारण )

 

उपार्जित रोग

संक्रामक रोग ( संचरणीय )

( तेजी से फैलते हैं )

असंक्रामक रोग ( असंचरणीय )

( व्यक्ति विशेष तक सीमित )

 

जन्मजात रोगहोंठ का कटना , विदीर्ण तालु , मँगोलिज्म आदि

संक्रामक रोग

I.                    बैक्टिरिया जनितटायफाइड , तपेदिक , फ्लेग , हैजा , डिप्थिरिया आदि

II.                  वायरस जनितएड्स , चेचक , पोलियो , हिपेटाइटिस , रेबीज , खसरा आदि

III.                प्रोटोजोआ जनित पेचिस , मलेरिया , ऐस्केरिएसिस ( निमेटोड )

असंक्रामक रोगडायबिटीज , कैन्सर , लकवा ( पक्षाघात ) , एलर्जी , मिर्गी आदि

आनुवांशिक रोगवर्णान्धता , हीमोफीलिया , सिन्ड्रोम , गंजापन आदि

a.      रोज जनक– रोग उत्पन्न करने वाले कारक

b.      जैविक कारकबैक्टिरिया , वायरस , प्रोटोजोआ

c.       भौतिक कारक – U.V. Rays , α , : r – Rays , फिनॉल , मस्टर्ड गैस आदि

d.      रोगवाहकरोग का प्रसार करने वाले

उदाहरण : वायु , जल , दूषित , भोजन , मच्छर , मक्खी , जीन आदि

·         बेक्टिरिया खोजकर्ताल्यूवेनहॉक

·         वेक्सीनेशनएडवर्ड जैनर

·         क्लोरोफॉर्म- जेम्स सिम्पसन

·         रेबीज वेक्सीन- लूई पॉश्चर

·         कुष्ठ रोगाणुहेनसन

·         हैजा , तपेदिक जीवाणुरॉबर्ट कोच

·         पेनिसिलीनएलेक्जेण्डर फ्लेमिंग

·         D.D.T. – पॉल मूलर

·         हाइड्रोफोबिया चिकित्सालुई पाश्चर

·         एण्टिरेबीज टीकालुई पाश्चर

·         हार्टसर्जरी क्रिश्चियन बर्नार्ड

·         एन्टि सेप्टिक सर्जरीलिस्टर

·         B.C.G. टीका यूरिन कालमेट

·         हाइपरटेन्शन -High blood pressure

·         ल्यूकेमिया- ब्लड कैंसर

·         केट्रेक्ट- लैंस का अपारदर्शी होना

 हीनता जन्य रोग- पोषक तत्वों की कमी से होने वाले रोग

विटामिन की कमी सेप्रोटीन की कमी से होने वाले रोग

·         विटामिनA- रेटिनोलरतौंधीगाजर , मछली यकृत तेल , हरी सब्जियाँ

·         विटामिन B1थायमिनबेरीबेरीसाबुत अन्न , समुद्री भोजन , सब्जियाँ

·         विटामिनB2 , – राइबोफ्लेविनशरीर के भार मेंकमी , रूखापनदूध , मटर , सेम , यीस्ट , केला

·         विटामिनB3 , – नियासिनपेलाग्राअंकुरित अनाज , टमाटर , माँस

·         विटामिन B6पायरीडॉक्सिनअसामान्य प्रोटीन उपापचयहरी सब्जियाँ , यकृत , केला

·         विटामिनB12 , – साएनोकोबालामिनएनीमिया यकृत , दूध

·         विटामिन C – एस्कार्बिकएसिडस्कर्वीखट्टे फल

·         विटामिन D- केल्सीफिरॉलरिकेट्स , ऑस्टियोमलेशियादूध , घी , सूर्य का प्रकाश

·         विटामिनE- टोकोफेरॉलप्रजनन क्षमता में कमी अंकुरित अनाज , सब्जियाँ

·         विटामिनK- फिलोक्विलोनरक्त का थक्का नहींहरी सब्जियाँ , टमाटर , पनीर

·         विटामिनB9 , – फोलिकएसिडभ्रुणावस्था कि न्युरल

·         डिफेक्टहरी सब्जियाँ , पास्ता , लिवर

·         पोटेशियमपेशीय संकुचन तंत्रिका आवेगसंचरण

·         केल्शियमहड्डियों दांतों कोदृढ़ता प्रदान करता है . रुधिर स्कन्दनटिटेनी , रिकेटस

·         आयरन– RBC में हिमोग्लोबिन बनाने में

·         आयोडीनथायरॉक्सिन हार्मोन के संश्लेषण में, माँस , बनतागलगण्ड रोग

Similar Posts