असहयोग आंदोलन
गांधी जी ने असहयोग आंदोलन प्रारंभ करने हेतु कांग्रेश की मीटिंग सितंबर 1920 ईस्वी में कोलकाता में लाला लाजपत राय की अध्यक्षता में की गई थी
जिसमें असहयोग आंदोलन को प्रारंभ करने संबंधित प्रस्ताव पारित किया गया
इस प्रस्ताव को बाद में स्वीकृति कांग्रेस के मुख्य अधिवेशन दिसंबर 1920 ईस्वी में नागपुर में डॉक्टर विजेंद्र राघवाचार्य की अध्यक्षता में प्रदान की गई थी
इस आंदोलन के दौरान 5 फरवरी 1922 इसको चोरी चोरा नामक स्थान पर आंदोलनकारियों के द्वारा एक पुलिस चौकी में आग लगा दी गई
गांधी जी ने 12 फरवरी 1922 ईस्वी को इस आंदोलन को समाप्त कर दिया गया।
Er. Dinesh