हृदय Heart
हृदय Heart

हृदय Heart

author
0 minutes, 11 seconds Read

हृदय की संरचना और परते

हृदय की दीवारें तीन स्तरों से बनी होती हैं जो इसे सुरक्षा और संकुचन की शक्ति प्रदान करती हैं:

  1. एपीकार्डियम (Epicardium): सबसे बाहरी सुरक्षात्मक परत।
  2. मायोकार्डियम (Myocardium): मध्य पेशीय परत, जो हृदय के धड़कने के लिए जिम्मेदार है।
  3. एण्डोकार्डियम (Endocardium): सबसे भीतरी परत जो कक्षों (chambers) को ढंकती है।

हृदय के कक्ष और रक्त प्रवाह

मानव हृदय चार हिस्सों में बँटा होता है ताकि ऑक्सीजन युक्त और ऑक्सीजन रहित रक्त आपस में न मिलें:

  • दायाँ आलिन्द और दायाँ निलय: शरीर से अशुद्ध (CO2 युक्त) रक्त प्राप्त करते हैं और फेफड़ों में भेजते हैं।
  • बायाँ आलिन्द और बायाँ निलय: फेफड़ों से शुद्ध (Oxygenated) रक्त प्राप्त करते हैं और पूरे शरीर में पंप करते हैं।
  • विशेषता: निलय (Ventricals) की दीवारें आलिन्द (Atria) से मोटी होती हैं क्योंकि उन्हें रक्त को अधिक दबाव के साथ दूर तक भेजना होता है।

महत्वपूर्ण बिंदु (Quick Facts)

विशेषताविवरण
पेसमेकर (S.A. Node)इसे ‘हृदय का हृदय’ भी कहते हैं, क्योंकि यह धड़कन पैदा करने वाले विद्युत आवेग (impulses) शुरू करता है।
हृदय चक्र (Cardiac Cycle)0.8 सेकंड (0.1s आलिन्द संकुचन, 0.3s निलय संकुचन, 0.4s विश्राम)।
दोहरा परिसंचरणरक्त एक पूरे चक्र में हृदय से दो बार गुजरता है (पल्मोनरी और सिस्टेमिक)।
रक्तचाप (Blood Pressure)120 (सिस्टोलिक) / 80 (डायस्टोलिक) mm Hg।

एक रोचक तथ्य: क्या आप जानते हैं कि हृदय की मांसपेशियों (Cardiac Muscles) में कभी थकान नहीं होती? यदि ये मांसपेशियां थक जाएं, तो जीवन रुक जाएगा। यही कारण है कि ‘मायोकार्डियम’ को शरीर की सबसे मेहनती मांसपेशी माना जाता है।

क्या आप हृदय से संबंधित किसी विशेष प्रक्रिया, जैसे दोहरा रक्त परिसंचरण’ (Double Circulation) या ‘ECG के बारे में विस्तार से जानना चाहेंगे?

दोहरा रक्त परिसंचरण’ (Double Circulation) या ‘ECG

Similar Posts