1. संयोजकता ( Valency )
किसी तत्व का के बाह्यतम कोशमें उपस्थित इलेक्ट्रॉनों की संख्या उसतत्त्व की संयोजकता कानिध रिण करती है । इसगुण को तत्त्वों केइलेक्ट्रॉनिक विन्यास द्वारा स्पष्ट किया जाता है । सामान्यतयाकिसी तत्त्व से संयोग करनेवाले हाइड्रोजन परमाणु की संख्या यासंयोग करने वाले ऑक्सीजन परमाणु की संख्या केआधे को उसकी संयोजकताकहते है
एकही वर्ग के सभी सदस्यसमान संयोजकता प्रदर्शित करते है क्योंकि इनकेबाहतम कोश के इलेक्ट्रानिक विन्यासभी समान होते है । S ब्लॉकअर्थात् वर्ग 1 व 2 के सदस्यों केबाह्यतम कोश में क्रमशः 1 व 2 इलेक्ट्रॉन ही होते हैएवं इनकी संयोजकता भी क्रमशः 1 व2 ही होती है ।
p ब्लॉकके तत्त्व अर्थात् वर्ग 13 से 17 तक के तत्वोंकी संयोजकता उसके बाह्यतम कोश में उपस्थित इलेक्ट्रॉन की संख्या या8 में से बाह्यतम कोशमें उपस्थित इलेक्ट्रॉन की संख्या कोघटाने से प्राप्त होतीहै ।
18 वेंवर्ग की संयोजकता सामान्यतयाशून्य होती है । एकही आवर्त में बाँए से दाँए जानेपर संयोजकता 1 से 4 तक बढ़ती हैतथा फिर घटती जाती है । यदितत्व ऑक्सीजन से संयोग करताहै तो संयोजकता 1 से7 तक बढ़ती जाती है ।
इसकेअलावा d ब्लॉक तत्व , लैन्थेनॉइड एक्टीनॉइड तत्व एक से अधिकसंयोजकता प्रदर्शित करते है , इसे परिवर्ती संयोजकता ( Variable valency ) कहते है । यहइस वर्ग के तत्त्वों काएक विशेष लक्षण भी है ।अब संयोजकता के स्थान परऑक्सीकरण अवस्था का प्रयोग होनेलगा है । विद्युतऋणता के अनुसार किसी के एक परमाणु, दूसरे तत्व के परमाणु सेजितनी संख्या में आवेश या इलेक्ट्रॉन ग्रहणकरता है , वह उसकी ऑक्सीकरणअवस्था कहलाती है ।
वर्ग |
संयोजकता कोश में e की संख्या |
संयोजकत |
H के साथ यौगिक |
0 के साथ यौगिक |
1 |
1 |
1 |
NaH |
Na2O |
2 |
2 |
2 |
CaH2 |
CaO |
13 |
3 |
3 |
AlH3 |
Al2O3 |
14 |
4 |
4 |
SiH4 |
SiO2 |
15 |
5 |
3,5 |
PH3 |
P2O5 |
16 |
6 |
2,6 |
H2S |
S O3 |
17 |
7 |
1,7 |
HCl |
Cl2O7 |