जन्म 14 फरवरी 1483
जन्म स्थान फरगाना
पिता उमरशेख मिर्जा
माता कुतलुगनिगार खाली
1494 ई पिता की मृत्यु (बाबर 11 वर्ष का)
1496 ई समरकेद पर आक्रमण असफल
1497 ई समरकेद पर आक्रमण सफल
1497 ई फरगना व समरकेद पर अधिकार
1504 ई काबुल पर विजय
1505 ई मिर्जा के स्थान पर बादशाह की उपाधि
भारत पर आक्रमण हेतु नियंत्रण
1519 ई प्रथम आक्रमण भारत पर
21 अप्रैल1526 पानीपत का युद्ध
बाबर (विजय)और इब्राहिम लोदी
17 मार्च 1527 खानवा का युद्ध भरतपुर बाबर और राणा सांगा
बाबर की उपाधी गाजी
28 जनवरी 1528 चनदेरी का युद्ध बाबर (विजय)और मेदिनीराय के मध्य
6 मई 1529 घाघरा का युद्ध बाबर और मोहमुद लोदी
बाबर ने अपने सर्वे की आत्मकथा बाबरनामा लिखी
बाबरनामा को तुजुक ए बाबरी भी कहा जाता है जिसकी रचना तुर्की भाषा में की गई थी
बाबर के द्वारा भारत में एक नवीन काव्य शैली मोबाइयान का प्रयोग किया गया था
बाबर के द्वारा भारत में ताश पत्तों का खेल प्रारंभ किया गया था
बाबर की मृत्यु के पश्चात उसे आगरा से यमुना नदी के तट पर आराम बाग में दफनाया गया था तथा उसकी इच्छा के अनुसार उसे काबुल में दफनाया गया था
बाबर के अपनी आत्मकथा बाबरनामा में लिखा है कि भारत में नकली झाड़ियां पाई जाती है