बलबत
1266 से 1287
- इल्तुतमिश के समय चालीसा दल का सदस्य था जो शासक बनते ही सर्वप्रथम चालीसा दल को ही समाप्त करता है
- बलबत ने अपने साम्राज्य हेतु रक्त व लोहे की नीति का पालन किया था
- बलवंत ने अपने दरबार में अभिवादन हेतु सिजदा(घुटनों के बल बैठकर सुल्तान के सामने सिर झुकाना) , पाबोस(पेट के बल लेटकर सुल्तान के पैरों को चूमना) प्रथा लागू की थी तथा साथ ही
- नौरोज का त्योहार मनाना प्रारंभ किया था
गुलाम वंश का अंतिम शासक कैकुवाद था जिसकी हत्या 1290 ईस्वी में जलालुद्दीन खिलजी के द्वारा की गई थी