गति motion |
जबवस्तु की स्थिति किसीस्थिर वस्तु की तुलना मेंसमय के साथ परिवर्तितहोती है , इसे गति कहते है । गतिनिम्न प्रकार की होती है
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उदाहरण |
1. सरल रेखीय गति:- |
सरल रेखा में होने वाली गति |
सीधी पटरी पर ट्रेन की गति , फिसल पट्टी पर बालक की गति |
2. यदृच्छगति / अनियमित गति:- |
अनिश्चित पथ और दिशा में होने वाली वस्तुओं की गति को यदृच्छगति कहते है । |
हॉकी , फुटबॉल खेलते बच्चों की गति |
3. वृत्ताकार गति:– |
जब कोई वस्तु किसी केन्द्र बिन्दु के चारों और निश्चित वृत्ताकार पथ में घूमती है तो यह गति वृत्ताकार गति कहलाती है । |
कोल्हू का बैल , साइकिल के पैडल , चकरी झूले की गति |
4. आवृत गति:– |
ऐसी गति जो निश्चित समय बाद दोहराई जाती है , आवृत गति कहलाती है । |
घड़ियों की सुइयों के घूमने , झूले के झूलने की गति । |
कम्पनभी एक प्रकार कीआर्वत गति है , जैसे की सितार यावायलिन के तार मेंहोने वाली गति ।
न्यूटन की गति के नियम |
न्यूटन नेगति के नियमों को‘ प्रिंसीपिया ‘ नामक पुस्तक में प्रस्तुत किया । न्यूटन नेगति के तीन नियमप्रतिपादित किये
1. न्यूटनकीगतिकाप्रथमनियम: – इसनियमकेअनुसारयदिकोईवस्तुस्थिरअवस्थामेंहैतोवहस्थिरअवस्थामेंहीबनीरहतीहै
या कोई वस्तुकिसी निश्चित वेग से एक दिशामें गति कर रही हैतो वह उसी वेगसे उसी दिशा में गति करती रहती है जब तककि उस पर कोईबाहरी बल कार्य नहींकरता है । न्यूटनका प्रथम नियम जड़त्व का नियम कहलाताहै । कोई भीवस्तु अपनी स्थिति में स्वयं कोई परिवर्तन नहीं कर सकती , वस्तुके इस गुण कोजड़त्व कहते है तथा यहनियम | जड़त्व का नियम भीकहलाता है ।
a. स्थिर अवस्थामेंजड़त्वकानियम: – इस नियम के अनुसार यदिकोई वस्तु स्थिर अवस्था में है तो स्थिरअवस्था में ही बनी रहतीहै जब तक किउस पर कोई बाह्यबल कार्य नहीं करता ।
उदाहरण
I. स्थिरकार या बस कोअचानक तेज चलाने पर उसमें बैठेयात्रियों का पीछे कीओर गिरना ।
II. पेड़की डाल को हिलाने परफलों का नीचे गिरना।
III. कम्बल/ दरियों को डंडे केप्रहार से साफ करना।
IV. खालीगिलास के ऊपर गत्तेपर रखे सिक्के का गत्ते कोअगुंली से तेजी सेमारने पर सिक्के काग्लिास में गिरना ।
गतिअवस्था में जड़त्व का नियम : – इसनियम के अनुसार यदिकोई वस्तु गति कर रही हैतो वह समान वेगसे सीधी रेखा में गति करती रहेगी जब तक किउस पर कोई बाह्यबल कार्य नहीं करता है ।
उदाहरण
I. लम्बीकूद कूदने से पहले खिलाड़ीका दूरी से तेज रफ्तारमें दौड़ कर छलांग लगाना।
II. चलतीबस , ट्रेन में अचानक ब्रेक लगाने पर यात्री काआगे की ओर झुकना।
III. चलतीबस या ट्रेन मेंयात्री का आगे मुँहकरके उतरना ।
2. न्यूटनकीगतिकाद्वितीयनियम: – इसे संवेग संरक्षण का नियम भीकहते है । इसनियम के अनुसार ‘ किसीवस्तु के संवेग परिवर्तनकी दर उस परआरोपित बल के समानुपातिकहोती है और उसीदिशा में होती है जिसमें बललगाया जाता है । ‘
उदाहरण
I. क्रिकेटकी गेंद को केच करतेसमय खिलाड़ी द्वारा हाथ को पीछे कीओर खींचना
II. बर्फको हाथ से एक झटकेमें तोड़ने के लिए अधिक तीव्रता से बर्फ कीसिल्ली पर चोट करना।
3. न्यूटन कीगतिकातृतीयनियम–यह नियम क्रिया – प्रतिक्रिया का नियम भीकहलाता है । इसनियम के अनुसार प्रत्येकक्रिया के लिए समानपरन्तु विपरीत दिशा में प्रतिक्रिया होती है ।
उदाहरण
I. पानीमें तैरते समय तैराक द्वारा हाथों से पानी कोपीछे की ओर धकेलना
II. नावचलाने हेतु चप्पू से पानी कोपीछे की ओर धकेलना।
III. बन्दूककी गोली चलने पर धक्के कापीछे की ओर लगना
IV. रॉकेटका ऊपर की ओर उड़ना।
V. नावमें से जमीन परकूदने पर नाव कापीछे हटना ।