आधुनिक आवर्त सारणी धात्विक एवं अधात्विक गुण ( Metallic and non – metallic properties )

author
1 minute, 48 seconds Read

 1.       धात्विक एवं अधात्विक गुण ( Metallic and non – metallic properties ) 

किसी तत्त्व के परमाणु द्वाराइलेक्ट्रॉन त्यागकर धनायन बनाने की प्रवृत्ति उसकाधात्विक गुण कहलाती है । जैसेकि वर्ग 1 के क्षार धातुसबसे अधिक विघुत धनी तत्त्व कहलाते है क्योंकि येसरलता से इलेक्ट्रॉन त्यागकर धनायन बना लेते है । येही सर्वाधिक धात्विक गुण रखते है ।

किसी तत्त्व के परमाणु द्वाराइलेक्ट्रॉन ग्रहण करके ऋणायन बनाने की प्रवृत्ति उसकाअधात्विक गुण कहलाता है । जैसेकि वर्ग 17 के हैलोजेन वर्गके तत्व सरलता से इलेक्ट्रॉन ग्रहणकर ऋणायन बना लेते है , अतः प्रबल अधात्विक गुण रखते है ।

एक ही वर्गमें ऊपर से नीचे जानेपर तत्व के परमाणुओं काआकार बढ़ता जाता है तथा प्रभावीनाभिकीय आवेश का मान कमहोता जाता है । अतःवर्ग में ऊपर से नीचे आयननएन्थैल्पी का मान क्रमिकरूप से घटता जाताहै और धनायन कानिर्माण सरलता से होता है।

 एकही आवर्त में बाएँ से दाएँ जानेपर परमाणु का आकार छोटातथा प्रभावी नाभिकीय आवेश का मान बढ़ताहै । अत : आयननएन्थैल्पी का मान क्रमिकरूप से बढ़ता जाताहै और धनायन कानिर्माण सरलता से नहीं होताहै । अर्थात् तत्त्वके धात्विक गुणों में कमी होती है । धातुएँविघुत धनात्मक गुण रखती है अर्थात् विघुतधनी होती है ।

एक ही आवर्तमें बाएं से दाएँ जानेपर परमाणु का आकार छोटाएवं प्रभावी नाभिकीय आवेश का मान बढ़नेके कारण इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी का मान बढ़ताहै । अतः ऋणायनबनाने की प्रवृत्ति बढ़तीहै और तत्वों केअधात्विक गुणों में वृद्धि होती है । एकही वर्ग में ऊपर से नीचे जानेपर इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी के मान मेंकमी होती है अतः अधात्विकगुणों में कमी होती है ।

इसी कारण आवर्त सारणी के बॉए भागके तत्त्व धात्विक गुणों से समृद्ध होतेहै । जैसे – जैसेदाहिनी और बढ़ते हैधात्विक गुणों में कमी तथा अधात्विक गुणों में वृद्धि होती जाती है । अधातुएँविद्युत ऋणात्मक होती है अर्थात् विघुतऋणीगुण रखती है ।

आवर्त सारणी में इस प्रकार धातुव अधातु को पृथक करनेवाली एक टेढी – मेढ़ीरेखा बन जाती है, जिसके समीप स्थित तत्व दोनो प्रकार के गुणधर्मो कोप्रदर्शित करते है । इसतत्त्वों को उपधातु कहतेहै । इस रेखापर आने वाले ये उपधातु तत्वहै- बोरोन , सिलिकन , जर्मेनियम , आसैनिक , एन्टिमनी , टेल्यूरियम एवं पोलोनियम | सामान्यतया धातुओं के ऑक्साइड क्षारकीयतथा अघातुओं के ऑक्साइड अम्लीयहोते है ।

Similar Posts